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नीतीश बीजेपी के साथ गए तो I.N.D.I.A पर क्या पड़ेगा असर? ममता ने दे दिया जवाब

Nitish Kumar: ममता ने यह तब कहा जब हाल ही में ममता ने खुद घोषणा की थी कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेंगी.

नीतीश बीजेपी के साथ गए तो I.N.D.I.A पर क्या पड़ेगा असर? ममता ने दे दिया जवाब
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Gaurav Pandey|Updated: Jan 26, 2024, 11:29 PM IST

Bihar Government: नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में फिर से हलचल मचा दी है. माना जा रहा है कि वे जल्द ही एनडीए का हिस्सा बन जाएंगे. इसी बीच प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है. नीतीश के इंडिया गठबंधन छोड़ने और राज्य बीजेपी के साथ फिर से जुड़ने की चर्चाओं के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि कुमार के बाहर निकलने से विपक्षी गठबंधन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. ममता बनर्जी 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में एक कार्यक्रम से इतर मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि मुझे लगता है कि नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों की नजर में अपनी विश्‍वसनीयता खो दी है.

ममता ने कहा कि अगर वह इस्तीफा देते हैं, तो तेजस्वी यादव के लिए बिहार में सुचारु रूप से काम करना आसान हो जाएगा. ममता ने यह तब कहा जब हाल ही में ममता ने खुद घोषणा की थी कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में आगामी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेंगी. उन्होंने कहा था कि क्षेत्रीय दल एकजुट रहेंगे और भविष्य के सभी निर्णय लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद ही लिए जाएंगे.

तलाक लगभग तय हो चुका?
उधर बिहार में जेडीयू और आरजेडी के बीच फिर से तलाक लगभग तय हो चुका है. सूत्रों का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार 28 जनवरी को राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप देंगे और उसी दिन बीजेपी के सहयोग से अपनी सरकार बनाने का दावा भी पेश कर देंगे. सूत्रों के मुताबिक बदले माहौल में RJD भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है. पार्टी के मुखिया लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के साथ मिलकर राज्य में नई सरकार बनाने की संभावनाएं टटोल रहे हैं. 

तोड़फोड़ की संभावनाएं भी!
इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि लालू की पार्टी की तरफ से जेडीयू में तोड़फोड़ की संभावनाएं भी टटोली जा रही हैं. आरजेडी को पता है कि अगर नीतीश कुमार एक बार बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने में सफल हो गए तो फिर लोकसभा के साथ ही अगले साल होने वाले असेंबली चुनाव में भी बड़ा नुकसान होना तय है. अब देखना है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति किस करवट बैठेगी.

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