Hindi News >>देश
Advertisement

Satya Pal Malik Attacks Modi Government: 'पांच कुर्ते में गया था, मैं फकीर हूं', रिटायरमेंट के बाद केंद्र पर सत्यपाल मलिक का हल्ला बोल

Satya Pal Malik on Agnipath Scheme: मलिक ने कहा, किसानों के समर्थन में आवाज उठाने के लिए वो मुझे सजा देने की कोशिश करेंगे. मेरा वो कुछ बिगाड़ नहीं सकते. वह मेरी 100 जांच कर लें और अपनी एक. सब पता चल जाएगा. मैं जांच के लिए तैयार हूं.

सत्यपाल मलिक
Stop
Zee News Desk|Updated: Oct 05, 2022, 01:25 PM IST

Satyapal Malik on Unemployment-Inflation: पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक 3 अक्टूबर को पद से रिटायर हो गए. अब वह खुलकर मोदी सरकार के विरोध में खड़े हो गए हैं. रिटायरमेंट के बाद मंगलवार को वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंचे, जहां उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार को जमकर खरी-खरी सुनाई. बुलंदशहर में तल्ख तेवर दिखाते हुए मलिक ने कहा, 'मैं तो पहले ही इस्तीफा जेब में लिए घूम रहा था, अब मैं आजाद हूं. कुछ भी कर सकता हूं, जेल जा सकता हूं.' 

मलिक ने कहा, 'किसानों के समर्थन में आवाज उठाने के लिए वो मुझे सजा देने की कोशिश करेंगे. मेरा वो कुछ बिगाड़ नहीं सकते. वह मेरी 100 जांच कर लें और अपनी एक. सब पता चल जाएगा. मैं जांच के लिए तैयार हूं. मेरे खिलाफ न तो कोई जांच हो सकती है और ना ही मुकदमा. मैं पांच कुर्तों में गया था और उन्हें ही वापस लेकर लौटा हूं. मैं फकीर हूं.'

'2024 में बीजेपी ना आए'

मलिक ने कहा कि वह बिल्कुल नहीं चाहते कि साल 2024 में एनडीए सरकार फिर से आए. चुनाव को लेकर मलिक ने कहा कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा लेकिन लड़ाई में मदद जरूर करूंगा. किसानों के लिए जेल भी जाना पड़ा तो जाऊंगा. लेकिन न तो किसी पार्टी में जाऊंगा और ना ही चुनाव लड़ूंगा. 

'महंगाई-बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या'

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मलिक ने कहा, बेरोजगारी और महंगाई से बड़ी देश में कोई समस्या नहीं है. युवा चार साल सड़कों पर दौड़ लगाता है और सरकार भर्ती रोक देती है. उन्होंने कहा, अग्निवीर तीन वर्षों के लिए है और पेंशन का भी प्रावधान नहीं है. ऐसे में कौन देश की आन, बान और शान के लिए जान की बाजी लगाएगा. देश में बेराजगारी और महंगाई चरम पर है. मलिक ने किसानों को अपने बच्चों को शिक्षित करने की सलाह दी. उन्होंने साफ कहा कि बिना एमएसपी की गारंटी दिए किसानों का भला नहीं होगा. जिस तरह किसानों की एकजुटता ने तीन कृषि कानून वापस कराए हैं, उसी तरह एमएसपी के लिए भी हरी टोपी वालों को एक बड़ा आंदोलन करना होगा.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

ये स्टोरी आपने पढ़ी देश की सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर

{}{}