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Independence Day 2023: झारखंड का एक ऐसा मंदिर जहां हर साल 15 अगस्त को फहराया जाता है तिरंगा

तिरंगा देश के जज्बे का, ऊर्जा का, पराक्रम, शांति, हरियाली, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है. इसकी आन-बान और शान की रक्षा के लिए हर भारतीय अपनी जान तक गंवाने को तैयार रहते हैं.

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(फाइल फोटो)
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Gangesh Thakur|Updated: Aug 09, 2023, 10:34 PM IST

Independence Day 2023: तिरंगा देश के जज्बे का, ऊर्जा का, पराक्रम, शांति, हरियाली, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है. इसकी आन-बान और शान की रक्षा के लिए हर भारतीय अपनी जान तक गंवाने को तैयार रहते हैं. ऐसे में तिरंगे के तीन रंगों से हमें शक्ति यानी पराक्रम, शांति और हरियाली यानी समृद्धि का एहसास होता है. लेकिन, क्या आपको पता है कि देश का एक ऐसा मंदिर भी है जहां भगवान के पताके के साथ हर साल 15 अगस्त को भारत का राष्ट्रीय ध्वज भी शान से लहराता नजर आता है. 

आपको बता दें कि यह मंदिर झारखंड की राजधानी रांची में है और यह यहां आनेवाले लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है. वैसे तो हिंदुस्तान की संस्कृति और अध्यात्म की चर्चा पूरी दुनिया में होती है लेकिन इस मंदिर से देशभक्ति की जो मिसाल पेश की जाती है वह अपने आप में अद्भुत है. 

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बता दें कि इस मंदिर का नाम पहाड़ी मंदिर है और इस पर भगवान के ध्वज के साथ ही तिरंगा भी फहराया जाता है. इस मंदिर में हर 15 अगस्त को स्थानीय लोगों और पुजारियों के द्वारा मिलकर तिरंगा फहराया जाता है. इस मंदिर को देशभक्तों के बलिदान के प्रतीक केंद्र के रूप में भी जाना जाता है. इसलिए यहां हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाता रहा है. 

कहा जाता है कि यहां ही अंग्रेजों के द्वारा क्रांतिकारियों को फांसी दी जाती थी जिसके बाद आजादी मिलते ही यहां तिरंगा फहराने की प्रथा शुरू हो गई. यहां लगभग 300 फीट का फ्लैग पोल है जिसपर तिरंगा शान से लहराता है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. यहां इस मंदिर की ऊंचाई से पूरे रांची शहर का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है.  

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